Sandeh Alankar ki paribhasha संदेह अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित
संदेह अलंकार किसे कहते है
संदेह अलंकार की परिभाषा (sandeh alankar ki paribhasha) – जब उपमेय में उपमान के संशय का आभास हो, अर्थात किसी वस्तु को देखकर निश्चय ना हो पाना, तब संदेह अलंकार होता है।
संदेह अलंकार :- जब किसी पद में समानता के कारण उपमेय में उपमान का संदेह उत्पन्न हो जाता है और यह संदेह अंत तक बना रहता है, तो वहां संदेह अलंकार माना जाता है. यह अलंकार उभयालंकार का भी एक अंग है
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Sandeh Alankar ke Udaharan ( संदेह अलंकार के 10 उदाहरण )
उदाहरण – सारी बीच नारी है कि नारी बीच सारी है,
कि सारी ही की नारी है कि नारी ही की सारी है।
स्पष्टीकरण- नारी बीच सारी है अलंकार : इस उदाहरण में बताया गया है महाभारत काल में प्रोपदी के चीर हरण के समय उसकी बढ़ती साड़ी को देखकर दुःशासन के मन में यह संशय उत्पन्न हो रहा है कि यह साड़ी के बीच नारी हे या नारी के बीच साड़ी है अथवा साड़ी नारी की बनी हुई है या नारी साड़ी से निर्मित है। पंक्ति में संदेह अलंकार है. यह पंक्ति महाकवि भूषण ने भगवान कृष्ण द्वारा द्रोपदी की साड़ी को अंतहीन करने पर लिखी थी
sandeh alankar ka udaharan संदेह अलंकार के उदाहरण
उदाहरण- यह काया है या शेष उसी की छाया,
क्षण भरे उनकी कुछ नहीं समझ में आया।
स्पष्टीकरण- इस उदाहरण में बताया गया है की दुबली पतली उर्मिला को देख कर लक्ष्मण यह निश्क्षय नहीं कर सके कि यह उर्मिता की काया है या उसका शरीर। यहां सन्देह बना है।
उदाहरण- कैधों ब्योम बीथिका भरे हैं भूरि धूमकेतु, कैंधों चली मेरु ते कसानुसरि भारी हैं।
स्पष्टीकरण- ऊपर दिए गये उदाहरण में लंकादहन के उपर्युक्त वर्णन में हनुमान की पूँछ को देखकर यह निश्चय नहीं हो पा रहा है कि आकाश में अनेक पुच्छल तारे हैं या पर्वत से अम्रि की नदी-सी निकल रही है। अतः यहाँ सन्देह अलंकार है।
‘जब सादृश्य के कारण एक वस्तु में अनेक अन्य वस्तुओं के होने की सम्भावना दिखाई पड़े और निश्चय न हो पाये’, तब वहाँ अलंकार होगा –
(b) उत्प्रेक्षा
(c) सन्देह
(d) विभावना उत्तराखण्ड P.G.T. (परीक्षा)-2020
उत्तर-(c)
जब किसी वस्तु के विषय में सादृश्यमूलक संशयपूर्व ज्ञान उत्पन्न हो, तो वहाँ ‘सन्देह अलंकार’ होता है। इस अलंकार में यह निश्चय नहीं हो पाता है कि सारी के बीच नारी है अथवा नारी के बीच सारी है।
जहाँ किसी वस्तु को देखकर उसी के समान अन्य वस्तु के संशय होने का भाव हो, वहाँ होता है-
(b) सन्देह अलंकार
(c) अतिशयोक्ति अलंकार
(d) इनमें से कोई नहीं UPPCL-JE- (Cilvil) Exam
उत्तर-(b)
जहाँ किसी वस्तु को देखकर उसी के समान अन्य वस्तु के संशय होने का भाव हो, वहाँ सन्देह अलंकार होता है।
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