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अनन्वय अलंकार की परिभाषा एवं उदाहरण | Ananvay Alankar

अनन्वय अलंकार की परिभाषा एवं उदाहरण | Ananvay Alankar

अनन्वय अलंकार किसे कहते है? परिभाषा

Ananvay Alankar ki Paribhasha – जहाँ उपमेय की तुलना करने के लिए कोई उपमान न हो और उपमेय को ही उपमान बना दिया जाता है, तब वहाँ ‘अनन्वय अलंकार’ होता है।

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Ananvay Alankar ke Udaharan

उदाहरण – मुख मुख ही के समान सुंदर है।

Explaination – उपर्युक्त पंक्तियों में ‘मुख’ उपमेय है और ‘मुख’ ही को उपमान बना दिया। अर्थात ‘मुख’ को ‘मुख’ से ही उपमा दी गयी है।

उदाहरण – भारत के सम भारत है।

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आप नीचे दिए अलंकारों को भी पढ़ सकते है

अनुप्रास अलंकारयमक अलंकारश्लेष अलंकार
पुनरुक्ति | वीप्सा अलंकारवक्रोक्ति अलंकारविशेषोक्ति अलंकार
उपमा अलंकारप्रतीप अलंकाररूपक अलंकार
उत्प्रेक्षा अलंकारव्यतिरेक अलंकारविभावना अलंकार
अतिशयोक्ति अलंकारउल्लेख अलंकारसंदेह अलंकार
भ्रांतिमान अलंकारअन्योक्ति अलंकारअनंवय अलंकार
दृष्टांत अलंकारअपँहुति अलंकारविनोक्ति अलंकार
ब्याज स्तुति अलंकारब्याज निंदा अलंकारविरोधाभास अलंकार
अत्युक्ति अलंकारसमासोक्ति अलंकारमानवीकरण अलंकार

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